Wednesday, February 22, 2012

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नसीमुद्दीन के खिलाफ सीबीआइ जांच, दर्ज हुई एफ़आइआर


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भ्रष्टाचार के तमाम आरोपों से घिरे मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी अकेले दर्जन भर से अधिक मंत्रालयों के मंत्री हैं। मंत्री पर लगे आरोपों के मद्देनजर लोकायुक्त ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को जबाव दाखिल करने का आज तक का समय दिया था,लेकिन मंत्री ने कोई सफाई नहीं पेश की...
जनज्वार : मायावती के अतिविश्वस्त माने जाने वाले ताकतवर मंत्री और पार्टी के सबसे बड़े मुस्लिम चेहरे नसीमुद्दीन सिद्दी के खिलाफ आज लोकायुक्त ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे दिये। मंत्री के खिलाफ लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में सीबीआइ जाँच के और आय से अधिक सम्पति मामले में प्रवर्तन निदेशालय से जांच की सिफारिश की है। 
nasimuddin-siddqui
उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा ने मंत्री के खिलाफ यह कार्यवाही बुँदेलखंड के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता और जनज्वार डॉट  कॉम  के सहयोगी आशीष सागर, इलाहबाद के विनय मिश्र और लखनऊ के पत्रकार जगदीश नारायण शुक्ल के हलफनामें  के आधार पर किया है। 
आशीष ने  मंत्री के खिलाफ शिकायत बांदा के नजूल भूमि पर कब्जे, चुनाव आयोग में  झूठा हलफनामा और अवैध खनन के पट्टों  को लेकर किया था, जबकि इलाहाबाद निवासी विनय मिश्र की शिकायत करीब 4 करोड़ के आबकारी घोटाले को लेकर थी और पत्रकार जगदीश नारायण शुक्ल ने क्यू-एफ़ नाम के ट्रस्ट से बाराबंकी जिले में कब्जाई गयी करोंड़ों की भूमि को लेकर थी.   
आशीष सागर ने दिसंबर 2011 में नसीमुद्दीन सिद्दीकी के भ्रष्टाचार मामलों की संलिप्तता को लेकर लोकायुक्त को एक याचिका पे्रषित की थी। याचिका में सामाजिक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया था कि मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पद का बेजा इस्तेमाल करते हुए जमीन कब्जा, फंड हेराफेरी, रिश्तेदारों के लाभ कराकर करोड़ों का घोटाला किया है। 
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा ने कुछ ऐसी ही कार्यवाही पूर्व बसपा नेता और प्रदेश सरकार के मंत्री रहे बाबूसिंह कुशवाहा के खिलाफ भी किया था, जिसके बाद उन्हें पद और पार्टी दोनों से जाना पड़ा था। फिलहाल बाबूसिंह कुशवाहा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन योजना में हुए करीब 5 हजार करोड़ के घोटाले में मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आ रहे हैं।  
भ्रष्टाचार के तमाम आरोपों से घिरे मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी अकेले दर्जन भर से अधिक मंत्रालयों के मंत्री हैं। मंत्री पर लगे आरोपों के मद्देनजर लोकायुक्त ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को जबाव दाखिल करने का आज तक का समय दिया था,लेकिन मंत्री ने कोई सफाई नहीं पेश की। सफाई पेश न करने की स्थिति में लोकायुक्त ने यह कार्यवाही की है।
चुनाव के बीच में मंत्री और पार्टी के एकलौते मुस्लिम चेहरे के खिलाफ लोकायुक्त की यह कार्यवाही संकट में खड़ी बसपा के लिए शुभ नहीं है। खासकर तब जबकि भ्रष्टाचार मामलों में सरकार के करीब दर्जन भर मंत्री बर्खास्त या पार्टी निष्कासित या पद से हटा दिये गये हों। 

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