Monday, September 19, 2016

ये चलन भी कैसा है जो बेटियों को बंधक बनाता है !

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साभार -Ghazal Lubna reading #अंधेरोकेबीच
उड़ीसा के एक आदिवासी इलाके में ऐसा रिवाज़ है कि आठ साल के लड़के की शादी 18-20 साल की लड़की से कर दी जाती है, क्योकि खेतों मे काम करने और घर का काम करने के लिए उन्हें जवान लड़की चहिए ! इस ज़रूरत को पूरा करने के लिए ही छोटे-छोटे लड़को की शादी जवान लड़कियो से करा दी जाती है ! लड़की को अपने पति के युवा समर्थ होने तक अपने ससुर को झेलना पड़ता है ! भारत भर मे हाल तक ऐसे बेमेल विवाहो का चलन था ! ऐसे विवाहो को लेकर कई लोग गीत प्रचलित है ! ब्याह शादी मे गांवो कस्बो मे आज भी ये गीत गाए जाते है ! झारखण्ड मे भी ये प्रथा प्रचलित थी- हाल तक ! मध्य प्रदेश के सिद्दी जिले मे छोटी आयु में लड़का-लड़की की शादी हो जाती है, पर योग्यता ससुर की परखी जाती है ! उसका स्वास्थ्य कैसा हा या उसके पास बहु के लाड-चाव के पूरे संसाधन है या नही यही देखा जाता है ! दोनो ही मामले मे शादी के बाद ससुर उस बहु ये यौन सम्बन्ध बनाता है ! उड़ीसा की आदीवासी स्त्री अपनी उम्र के आधे या उससे भी कम उम्र के लड़के से न तो जीवन भर मुक्त हो सकती है और न ही अपने ससुर के उत्पीड़न से बच सकती है क्योकि पति के मरने से पहले स्त्री उसे छोड़ नही सकती !
तस्वीर - प्रतीकात्मक नेट से साभार

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